सुरक्षा
- सुरक्षा
- सुरक्षा स्वयं की हो या अपने सगे संबंधियों की, घर की, कार्यस्थल की, जान माल की,सुरक्षा
- हमेशा से हमारे लिए एक कठिन कार्य रहा हैं। आदि काल से अब तक हमने अपनी सुरक्षा को
- किसी भी अन्य कार्य से बढ़कर प्राथमिकता दी हैं, क्योकि एक कहावत हैं जान हैं तो जहान हैं |
- सुरक्षा जीवन जीने की एक कसौटी हैं जिसपर चलकर ही हम एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य
- की कल्पना कर सकते हैं।
- सुरक्षित वातावरण हमारे समाज के लिए एक अविरल धारा का काम करता हैं। यह धारा हमारे
- समाज को सशक्त और मजबूत बनाने की ओर हमेशा तत्पर रहती हैं। सुरक्षा को हमे सिर्फ स्वयं
- तक सीमित न रखकर एक व्यापक स्तर पर लोगो की प्राथमिकता से जोड़ने की ओर उन्मुख
- होना चाहिए। सुरक्षा से हमारा आशय यह हैं की सुरक्षा किसी व्यक्ति या वस्तु विशेष से कही
- ऊपर हैं। सुरक्षा देश की भी हो सकती हैं, किसी क्षेत्र विशेष की, किसी सार्वजनिक स्थान की,
- किसी घर की, किसी जानवर की भी हो सकती हैं। सुरक्षा जिस किसी भी हो वास्तव मे देखे तो
- सुरक्षा का हमारे जीवन से गहरा संबंध हैं।
- अगर देश की सीमायों की सुरक्षा की बात करे तो हमारे देश के जवान साल के 365 दिन
- चौबीसों घंटे अपनी कठिन सेवा देकर इनको महफूज रखते हैं। देश के दुश्मनों से हमे सुरक्षित
- रखते हैं। जल, थल और वायु सभी जगह हमे हमारे सैनिक हमेशा तत्पर दिखते हैं। देश की
- आंतरिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी हमारी केंद्र व अलग अलग राज्यों की पुलिस की हैं। जो हमे एक
- भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। हम इसी सुरक्षित वातावरण मे अपनी तथा
- अपने परिवार, समाज और देश की विकास की यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करते चलते
- हैं।
- घर की सुरक्षा से लेकर बेहतर और सुरक्षित कार्यस्थल हमे प्राप्त हो इसकी प्रथम जिम्मेवारी
- हमारी सिद्ध होती हैं, क्योकि यदि हम सड़क पर पैदल या यातायात के साधनो के साथ चलते हैं
- तो हमे सुरक्षा के सभी नियमों को पालन करना चाहिए। आज हमारे देश मे सड़क सुरक्षा को
- अनदेखा करने का परिणाम हमारे सामने हैं। एक्सिडेंट इन इंडिया -2020 रिपोर्ट के मुताबिक
- हमारे देश मे लगभग तीन लाख अड़तालीस हजार एक सौं अड़तीस सड़क हादशे हुए जिसमे
- 1,31,714 लोगो की जान चली गयी। विश्व बैंक के अनुसार हमारे देश मे हर चार मिनट मे
- एक मौत होती हैं। अतः हमे अपनी और अपनों की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए सभी नियमों
- का पालन करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
- किसी भी देश के विकास की धुरी उसके औधोगिक विकास के साथ साथ चलती हैं। देश के
- औधोगिक संस्थान ही सर्वाधिक रोजगार भी प्रदान करते हैं। औधोगिक संस्थानों मे पढे लिखे
- लोगो से लेकर अनपढ़ सभी प्रकार के लोग कार्य करते हैं। इन्ही संस्थानों मे सर्वाधिक जोखिम
- और दुर्घटना के मामले हमे देखने को मिलते हैं। हम जितनी अधिक तेज़ी से विज्ञान और
- प्रोधोगिकी की ओर बढ़ रहे उतनी ही तेज़ी से इनसे संबन्धित खतरे हमारे सम्मुख बढ़ रहे हैं।
- मूल रूप से औधोगिक संस्थानों मे दुर्घटना होने का अधिकतर कारण मशीने होती हैं। इन
- मशीनों की अधूरी जानकारी और इनके अनुरक्षण मे लापरवाही ही हमे दुर्घटना के भयानक मुख
- मे ले जाती हैं। कभी कभी एक छोटी सी अनदेखी हमे एक महान संकट मे डाल देती हैं। वो
- कहते हैं ना
- काम की बात काम के साथ
- आपकी सुरक्षा आपके हाथ।
- औधोगिक संस्थानों मे दुर्घटना की बात जब भी आती हैं हमारे सामने भोपाल गैस त्रासदी का
- वो भयानक चित्रा हमारे सामने आकर हमे भयभीत करता हैं। दुनिया भर मे लाखों दुर्घटनाएँ
- प्रतिदिन होती रहती हैं कभी किसी प्लांट मे बॉयलर का फट जाना तो कभी किसी कंपनी मे गैस
- का रिसाव, आग लगना जैसे आम बात हो गयी हैं। लेकिन ये दुर्घटनाएँ हमे सिर्फ आर्थिक रूप से
- कमजोर नही करती बल्कि मानसिक रूप से भी कमजोर करती हैं। हमारे विकास की बाधक
- होने के साथ साथ हमारे जन जीवन को अस्त व्यस्त कर देती हैं। हमे काइयों साल पीछे धकेल
- देती हैं। किसी दुर्घटना मे किसी व्यक्ति की मौत हो जाना सिर्फ उसकी जीवन हानि ही नही
- बल्कि उससे संबंधित सभी लोगो को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक हानि हैं।
- एक रिपोर्ट के अनुसार कार्यस्थल पर सालाना 31.7 करोड़ दुर्घटनाए होती हैं, इनमे से कई
- चलते काम से लंबी अनुपस्थिति तक हो जाती हैं। कई-कई बार तो पूरे के पूरे संस्थान का
- संचालन ठप हो जाता हैं और इसके साथ ही लाखो परिवारों की जीवन रेखा भी प्रभावित हो
- जाती हैं। खराब व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ प्रथाओं का आर्थिक बोझ हर साल वैश्विक
- सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत होने का अनुमान हैं। हमने इन दुर्घटनाओ से बचने और इनके
- अनुपात को कम करने के लिए तमाम प्रकार के कानून और व्यवस्थाए बनायी हैं। फिर भी इन
- दुर्घटनाओ को आए दिन देखते और सुनते रहते हैं।
- हर साल हम 28 अप्रेल को कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ के दिवस के रूप मे मनाते हैं। इस
- दिन को मनाने का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ लोगो को सुरक्षा की दृष्टि से जागरूक करना हैं।
- कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ के लिए विश्व दिवस 2022 सुरक्षा और स्वास्थ की संस्कृति के
- प्रति सामाजिक संवाद को बढ़ाने पर केन्द्रित हैं।
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HELLO
जवाब देंहटाएंNice message for audience
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